गुनाहों पे हूँ शर्मिंदा इलाही दरगुज़र कर दे / Gunahon Pe Hun Sharminda Ilahi Darguzar Kar De Lyrics
गुनाहों पे हूँ शर्मिंदा, इलाही • दरगुज़र कर देबड़ा मुजरिम हूँ मैं तेरा, इलाही • दरगुज़र कर दे ख़ता कोई […]
गुनाहों पे हूँ शर्मिंदा, इलाही • दरगुज़र कर देबड़ा मुजरिम हूँ मैं तेरा, इलाही • दरगुज़र कर दे ख़ता कोई […]
या इलाही ! हर जगह तेरी ‘अता का साथ हो जब पड़े मुश्किल, शह-ए-मुश्किल-कुशा का साथ हो या इलाही !
मदद कर मेरी, दो जहानों के मालिक ! मुसीबत में मैं ने पुकारा है तुझ को गुनाहों की दलदल में मैं