क़ल्ब-ए-आशिक़ हुआ पारा पारा / Alwada Alwada Mahe Ramzan Lyrics
क़ल्बे आशिक़ हुआ पारा पारा अल्वदा अल्वदा माहे रमज़ान उल्फ़ते हीजरो फूर्कत ने मारा अलविदा अलविदा माह-ए-रमज़ाँ तेरे आने से दिल खुश […]
क़ल्बे आशिक़ हुआ पारा पारा अल्वदा अल्वदा माहे रमज़ान उल्फ़ते हीजरो फूर्कत ने मारा अलविदा अलविदा माह-ए-रमज़ाँ तेरे आने से दिल खुश […]
ऐ सब्ज़ गुम्बद वाले , मंजूर दुआ करनाजब वक़्त नज़ा आये , दीदार अता करना ऐ नूर-ए-खुदा आकर, आँखों में
ये दिल तेरी यादों से महकता ही रहेगातेरा है, ये तेरा है, ये तेरा ही रहेगा सरकार ﷺ से मांगो
मौला या सल्ली व सल्लिम दाइमन अबदनअला हबीबिक खैरिल – ख़ल्क़ि कुल्लिहिमि मुहम्मदुन सय्यिदुल – कौनैनी वस्सकलयनिवल्फरीक़यनि मिन उर्बि –
अब तो बस एक ही धुन है कि मदीना देखूंआखरी उमर में क्या रोनक ए दुनिया देखो मेनू मजबूरियां ये